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सोच

☑_​ कृष्ण ने एक सच्चाई बताई थी:-​__​मरना सभी को है...​__​लेकिन मरना कोई नहीं चाहता...​__​आज परिस्थिति और  भी बेकार हैं​__​भोजन सभी को चाहिए लेकिन..​__​खेती करना कोई नहीं चाहता​__​पानी सभी को चाहिए लेकिन..​__​पानी बचाना कोई नहीं चाहता..​__​दूध सभी को चाहिए लेकिन ...​__​गाय पालना कोई नहीं चाहता...​__​छाया सभी को चाहिए लेकिन...​__​पेड़ लगाना और उसे​__बचाए रखना कोई नहीं चाहता...​__​बहु सभी को चाहिए पर...​__​बेटी बचाना कोई नहीं चाहता...​__​मेसेज  पढ़कर वाह वाह करना सभी जानते हैं​__​लेकिन जागरूकता फैलाने के लिए इस मैसेज को आगे भेजना कोई नहीं जानता अगर आप जिम्मेदार व्यक्ति है तो इसे जादा से जादा सेंड करे।       *जिम्मेदार नागरिक बने।                                 *अमितेश यादव के जैसे।
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डॉक्टर भीम राव अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाया गया

बलिया-सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र के काजीपुर में डॉक्टर भीम राव अंबेडकर का एक सौ सत्ताईस सवा 127 वाँ जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाया गया जिसमें झांकिया घोड़े हाथी के साथ साथ बड़ी संख्या महिलाये भी बाबा साहब की जयंती में भाग लिया   जुलूस मे ग्रामवासियों ने शामील होकर गांव भ्रमण किया.डॉक्टर भीम राव अंबेडकर के प्रतिमा को  पूजा अर्चना भी किया गया उसके बाद झांकी के साथ घोड़े हाथी व बैंड बाजा के साथ जुलूस निकाला गया जूलूस का शुभारंभ  बाबा साहब के प्रतिमा से हुआ काजीपुर बाजार, बनिया मोहल्ला, कुरैशी मुहल्ला होते हुए शेखपुर मनियर मार्ग खरीद चट्टी होते हुए पुरुषोत्तम पट्टी चट्टी पर से वापस काजीपुर अंबेडकर प्रतिमा के पास जाकर जूलूस समाप्त हो गया जयंती में भागवत दास प्रेमी राम सनेही धर्मेन्द्र डॉक्टर अशोक सूरज नारायण अशोक कनोजिया ग्राम प्रधान ,कन्हैया तुरैहा आदि सैकड़ों लोग जुलूस में भाग लिया रहे जयंती के अवसर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात  जबकि एक कंपनी पीएसी कई थानों के फोर्स के साथ साथ सिकंदरपुर एसडीएम राजेश कुमार यादव क्षेत्राधिकारी विजय प्रताप यादव थानाध्यक्ष अनिल चंद तिवारी उपनिरीक्षक लाल साह…

हमारे हुसैन भाई की सोच

*एक कवि* नदी के किनारे खड़ा था !
तभी वहाँ से *एक लड़की* का *शव*
नदी में तैरता हुआ जा रहा था।
तो तभी *कवि ने उस शव* से पूछा ----
कौन हो तुम ओ सुकुमारी,
*बह रही नदियां के जल में ?*कोई तो होगा तेरा अपना,
*मानव निर्मित इस भू-तल में !*किस घर की तुम बेटी हो,
*किस क्यारी की कली हो तुम ?*किसने तुमको छला है बोलो,
*क्यों दुनिया छोड़ चली हो तुम ?*किसके नाम की मेंहदी बोलो,
*हांथों पर रची है तेरे ?*बोलो किसके नाम की बिंदिया,
*मांथे पर लगी है तेरे ?*लगती हो तुम राजकुमारी,
*या देव लोक से आई हो ?*उपमा रहित ये रूप तुम्हारा,
*ये रूप कहाँ से लायी हो?*
..........*दूसरा दृश्य----**कवि* की बातें सुनकर
*लड़की की आत्मा* बोलती है...
कविराज मुझ को क्षमा करो,
*गरीब पिता की बेटी हूं !*इसलिये मृत मीन की भांती,
*जल धारा पर लेटी हुँ !*रूप रंग और सुन्दरता ही,
*मेरी पहचान बताते है !*कंगन, चूड़ी, बिंदी, मेंहदी,
*सुहागन मुझे बनाते है !*पिता के सुख को सुख समझा,
*पिता के दुख में दुखी थी मैं !*जीवन के इस तन्हा पथ पर,
*पति के संग चली थी मैं !*पति को मेने दीपक समझा,
*उसकी लौ में जली थी मैं !*माता-पिता का साथ छोड़
*उसके रंग…

कठुआ गैंगरेप मामले में पीएम मोदी की चुप्पी से खफा उमर अब्दुल्ला ने किया ट्वीट

*नई दिल्ली।* जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य के कठुआ जिले में आठ वर्षीय बच्ची से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने की शुक्रवार (13 अप्रैल) को मांग की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री जी कोई ऐसा दिन नहीं है जब हम आपको ऐसी चीजों पर बोलते हुए सुनते हैं, जो आपके लिए महत्वपूर्ण होता है, लेकिन कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आप दूसरों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे पर बिल्कुल चुप्पी साध लेते हैं.’’ खानाबदोश बकरवाल समुदाय की आठ वर्षीय बच्ची से बलात्कार और उसकी हत्या का मामला राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। 

इस साल 10 जनवरी को जम्मू के कठुआ जिले में हीरानगर तहसील के रसाना गांव में बक्करवाल समुदाय की बच्ची का अपहरण होने के बाद 17 जनवरी को झाड़ियों में उसका शव मिला था. कठुआ के रासना गांव में जनवरी में बाकरवाल समुदाय की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी सांजी राम समेत आठ लोगों का आरोपी बनाया गया है।

मर्द की मज़बूरी

ये हमारे हुसैन भाई की सोच है  बीवी पर हाथ उठाये तो "बेशर्म"
 चुप रहे तो "डरपोक" 
 घर से बाहर रहे तो "आवारा"
 घर में रहे तो "नाकारा" 
 बच्चों को डांटे तो"ज़ालिम" 
 ना डांटे तो "लापरवाह" 
 बीवी को नौकरी करने से रोके तो "शक्की" 
 बीवी को नौकरी करने दे तो बीवी की "कमाई खाने वाला" माँ की माने तो"चम्मचा" 
बीवी की माने तो "जोरु का गुलाम"  पूरी ज़िंदगी समझौता, त्याग और संघर्ष में बिताने के बावजुद वह अपने लिये कुछ नहीं चाहता 
इसलिये हर एक पुरुष की हमेशा इज़्ज़त करें क्यौ कि हर एक पुरुष मै बेटा, भाई पति, दामाद, पिता हो सकता है, जिसका जीवन हमेशा मुश्किलों से भरा हुआ है  सभी लड़के शेयर करे 
कृपया इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें        एक ही गीत में पूरी जिंदगी का सार देखिये। 
नयनो में सपना (उम्र 5 से 15) सपनों में सजनी (उम्र 15 से 25) सजनी पे दिल आ गया (उम्र 25 से 35) क्यूं सजनी पे दिल आ गया (उम्र 35 से 40)
बाकी पूरी उम्र : ता थैया ता थैया..ओ

जीवन का रहस्य

4 वर्ष की उम्र में सफलता यह है , कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते ,8  वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने घर वापिस आने का रास्ता जानते है ,12  वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने अच्छे मित्र बना सकते है ,18  वर्ष की उम्र में मदिरा और सिगरेट से दूर रह पाना सफलता है ,25  वर्षकी उम्र तक नौकरी पाना सफलता है ,30  वर्षकी उम्र में एक पारिवारिक व्यक्ति बन जाना सफलता है ,35  वर्ष की उम्र में आपने कुछ जमापूंजी बनाना सीख लिया ये सफलता है ,45  वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपना युवापन बरकरार रख पाते हैं ,55  वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी करने में सक्षम हैं ,65  वर्ष  की आयु में सफलता है निरोगी रहना ,70  वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप आत्मनिर्भर हैं किसी पर बोझ नहीं ,75  वर्ष nकी उम्र में सफलता यह है कि आप अपने पुराने मित्रों से रिश्ता कायम रखे हैं ,80  वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आपको अपने घर वापिस आने का रास्ता पता है ,और 85  वर्ष की उम्र में फिर सफलता ये है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते ,अंततः यही तो जीवन चक्र है . . जो घूम फिर कर वापस व…

बीवी की अनोखी दास्ताँ

दोस्तों आज हम एक अजीब प्राणी के बारे में पढेंगे
इस जीव का नाम है। "बीवी" यह अक्सर रसोई और टीवी के सामने पाई जाती है
इनका पौष्टिक आहार है पति का भेजा ये पानी कम खून ज्यादा पीती है। इन्हें अक्सर नाराज़ होने का नाटक करते हुए देखा जाता है और पाया जाता है। इस प्राणी का सबसे खतरनाक हथियार है रोना और इमोशनली ब्लैकमेल करना इनको बस यही आता है। उसके संपर्क में रहने से टेंशन नाम की बीमारी हो सकती है।
जिसका कोई इलाज़ नहीं है बस इनसे सावधान रहना चाहिये "भारत सरकार द्वारा जनहित में जारी" है
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पूरी रामायण बीवियों की कहानी हैं 
लक्ष्मन अपनी बीवी को घर पे छोड़कर चले गये रावण दुसरे की बीबी उठा के फँस गया सुग्रीव ने श्रीराम का साथ इस लिए दिया क्योंकि ‌
सुग्रीव को उसकी बीबी वापस चाहिए थीं जो बाली के पास थी हनुमान जी की अपनी बीबी थी ही नही मगर दुसरे के लिए लंका जला ड़ाली श्रीराम को अपनी वापिस चाहिए थी तो उनको 10 दिनों तक युद्ध करना पड़ा और अंत में क्या हुआ जिस बीवी के कारण इतनी रामायण हुई ओ जमीन के नीचे चली गयी अभी सोचो इतना …